कोप्पल में निर्माण मज़दूरी
कोप्पल कर्नाटक में है, इसलिए यहाँ के निर्माण मज़दूर का लेबर कार्ड, कल्याण बोर्ड और न्यूनतम मज़दूरी कर्नाटक के नियमों से तय होती है — किसी राष्ट्रीय पेज से नहीं। इस पेज पर वही बातें हैं जो कोप्पल पर लागू होती हैं।
क्षेत्राधिकार: कोप्पल पर कर्नाटक का श्रम कानून लागू होता है। पास के शहर, चाहे वे एक ही मज़दूर बाज़ार का हिस्सा हों, दूसरे राज्य के बोर्ड में आ सकते हैं।
नियम कहाँ से हैं
कर्नाटक में लेबर कार्ड
बेंगलुरु, मैसूर या हुबली की साइट पर काम कर रहे हैं? तो आपका लेबर कार्ड कर्नाटक भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण मंडल बनाता है, और सरकारी फ़ीस एक रुपया भी नहीं है। बिहार, यूपी, बंगाल, झारखंड या ओडिशा से आए हुए हैं तो भी बनेगा — कार्ड इस बात पर बनता है कि आप काम कहाँ कर रहे हैं, इस पर नहीं कि आप कहाँ के रहने वाले हैं।
अर्ज़ी कहाँ दें
ऑनलाइन: मंडल का अपना पोर्टल kbocwwb.karnataka.gov.in है, जिसे कर्मिका सेवा केंद्र (KSK) कहा जाता है। नया रजिस्ट्रेशन, रिन्यू और ई-कार्ड — तीनों वहीं से होते हैं।
ऑफ़लाइन: डॉ. बी. आर. अंबेडकर कर्मिका सेवा केंद्र पर जाकर सीधे अर्ज़ी दी जा सकती है। बेंगलुरु शहरी में इनकी कई शाखाएँ हैं — जक्कूर, आर.टी. नगर, मराठहल्ली, चंदापुरा, माकली, केंगेरी, एचआरबीआर लेआउट और शांति नगर। चलते-फिरते मोबाइल सेवा केंद्र भी साइट पर आकर रजिस्ट्रेशन करते हैं।
अर्ज़ी को मंज़ूरी श्रम निरीक्षक या वरिष्ठ निरीक्षक देते हैं। मंडल के अपने पन्ने पर निपटारे का समय 15 दिन लिखा है।
फ़ोन से मदद: कर्मिका सहायवाणी 155214 (टोल-फ़्री), या WhatsApp 9845353214। यह मंडल का अपना नंबर है और पूछना मुफ़्त है।
अर्ज़ी देने के बाद पावती नंबर लेकर उसका फ़ोटो फ़ोन में रख लीजिए। बाद में कार्ड का पता करने के लिए यही काम आएगा।
फ़ीस शून्य है — किसी को पैसे मत दीजिए
मंडल के अपने पन्ने पर साफ़ लिखा है: अर्ज़ी की फ़ीस ₹0 और सेवा शुल्क भी ₹0।
यानी सरकार रजिस्ट्रेशन का कोई पैसा नहीं लेती। साइट के बाहर बैठा एजेंट अगर हज़ार-दो हज़ार माँगे तो वह उसकी अपनी वसूली है।
एक असली शुल्क ज़रूर है: कार्ड खो जाए, चोरी हो जाए या टूट जाए तो दोबारा बनवाने के ₹100 लगते हैं।
सालाना अंशदान का नियम ₹50 प्रति वर्ष का है, पर अगस्त 2020 से उसे माफ़ किया हुआ है। यह छूट आज भी चल रही है या नहीं, यह हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते। काउंटर पर ₹50 माँगे जाएँ तो रसीद ज़रूर लीजिए और 155214 पर पुष्टि कर लीजिए।
कागज़ — और फ़ॉर्म V वाला चार रास्तों का नियम
मंडल की सूची में चार चीज़ें हैं — रोज़गार प्रमाणपत्र, आधार कार्ड (ख़ुद के दस्तख़त के साथ), राशन कार्ड (यह ज़रूरी नहीं है), और उम्र का सबूत।
रोज़गार प्रमाणपत्र ही सबसे ज़्यादा अटकाता है — और यहीं कर्नाटक का सबसे काम का नियम छिपा है। यह प्रमाणपत्र चार अलग फ़ॉर्म में बनता है और हर फ़ॉर्म पर दस्तख़त करने वाला अलग होता है।
फ़ॉर्म V(A) पर मालिक या ठेकेदार। फ़ॉर्म V(B) पर रजिस्टर्ड मज़दूर यूनियन। फ़ॉर्म V(C) पर श्रम निरीक्षक। फ़ॉर्म V(D) पर ग्राम पंचायत।
यानी ठेकेदार दस्तख़त करने से मना कर दे तो आपका काम रुकता नहीं — तीन और रास्ते खुले हैं। यही बात ज़्यादातर मज़दूरों को नहीं बताई जाती।
इनके अलावा साथ रखिए: आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, अपने नाम की बैंक पासबुक (IFSC समेत), और नामिनी की जानकारी।
पात्रता: 18 साल पूरी और 60 से कम, और पिछले बारह महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण का काम — यह शर्त कार्ड चालू रखने के लिए भी हर साल लागू रहती है।
कर्नाटक मंडल की योजनाएँ और रकम
दुर्घटना: काम की जगह पर हुई दुर्घटना से मौत होने पर नामिनी को ₹8 लाख। यह रकम 16 जुलाई 2025 के राजपत्र से आती है और उसी अधिसूचना में अंतिम संस्कार व अनुग्रह राशि मिलाकर ₹1,46,000 भी है। दावा फ़ॉर्म XXI में, दुर्घटना के एक साल के अंदर।
हमेशा की पूरी अपंगता पर ₹2 लाख, आंशिक अपंगता पर ₹1 लाख, और अपंगता पेंशन ₹2,000 प्रति माह।
पेंशन: 60 साल के बाद हर महीने ₹3,000 तक। इसके लिए 60 से कम से कम तीन साल पहले से रजिस्टर्ड होना चाहिए। मौत के बाद पत्नी या पति को उसी पेंशन का आधा।
शादी की मदद ₹60,000 — ख़ुद के लिए या आश्रित बच्चों के लिए, एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा दो बार, और रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद।
प्रसूति सहायता ₹50,000, पहले दो बच्चों के लिए। साथ में थायी मगु सहाय हस्त योजना में तीन साल तक ₹500 महीना, यानी कुल ₹6,000।
इलाज: भर्ती होने पर ₹300 प्रति दिन, ज़्यादा से ज़्यादा ₹20,000 तक; कम से कम 48 घंटे लगातार भर्ती रहना ज़रूरी। बड़ी बीमारियों के लिए ₹2,00,000 तक की अलग मदद।
बेंगलुरु में रजिस्टर्ड मज़दूरों के लिए BMTC बस का मुफ़्त पास भी है — इसके लिए लेबर कार्ड, आधार और दो फ़ोटो लगते हैं।
एक ज़रूरी चेतावनी: मंडल के अपने योजना पन्ने पर अंकों और शब्दों में लिखी रकमें कई जगह आपस में नहीं मिलतीं — जैसे "₹8 लाख (Rupees Five Lakh Only)" और "₹1,46,000 (Rupees fifty thousand only)"। भरोसा राजपत्र की अधिसूचना पर कीजिए और दावा करने से पहले 155214 पर पुष्टि कर लीजिए।
हर साल रिन्यू — यहीं सबसे ज़्यादा लोग चूकते हैं
ई-कार्ड एक साल के लिए चलता है और हर साल रिन्यू कराना पड़ता है।
रिन्यू की खिड़की साफ़ है: मियाद ख़त्म होने से 15 दिन पहले से लेकर मियाद ख़त्म होने के एक साल बाद तक। इस खिड़की के बाद खाता बंद हो जाता है और नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
बंद कार्ड पर किसी योजना का दावा नहीं होता — और वह वक़्त अकसर वही होता है जब पैसे की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।
रिन्यू के लिए वही रोज़गार प्रमाणपत्र (फ़ॉर्म V) दोबारा लगता है, साथ में तीन महीने की पर्ची और एक स्व-घोषणा फ़ॉर्म। 60 साल की उम्र के बाद रिन्यू नहीं होता।
एक बात और: अंशदान न भरने पर कार्ड तभी ख़त्म होता है जब लगातार एक साल से ज़्यादा न भरा गया हो। एक-दो महीने के अंतर पर अर्ज़ी नामंज़ूर की जाए तो वह नियम के मुताबिक नहीं है और उस पर अपील की जा सकती है।
कर्नाटक में न्यूनतम मज़दूरी
बेंगलुरु में मज़दूर को कम से कम ₹938.73 रोज़ मिलने चाहिए, अगर आप बेलदार यानी अकुशल हैं। मिस्त्री यानी कुशल के लिए ₹1,127.54। बढ़ोतरी बहुत बड़ी थी — 22 मई 2026 की एक ही एकरूप अधिसूचना से दिहाड़ी ₹709.26 से ₹938.73 हो गई, यानी रोज़ के करीब ₹230 ज़्यादा। साथ ही ज़ोन चार से घटाकर तीन कर दिए गए। और सबसे ज़रूरी बात: विभाग की वेबसाइट पर पुरानी दरों वाला पन्ना आज भी नए नाम के साथ खुला हुआ है।
आज कौन सी अधिसूचना लागू है
कर्नाटक श्रम विभाग की एकल अंतिम अधिसूचना (Single Final Notification), तारीख़ 22 मई 2026, जो 25 मई 2026 के राजपत्र भाग IVA संख्या 389 में छपी।
इससे पहले वाली दरें अब पुरानी हो चुकी हैं।
ईमानदारी से एक बात और: मालिकों के संगठन ने इस अधिसूचना को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी है। अब तक अदालत ने इस पर रोक नहीं लगाई है, इसलिए यह दर लागू है। फिर भी बड़े दावे से पहले 155214 पर आज की स्थिति पूछ लेना समझदारी है।
तीन ज़ोन — आपकी साइट किसमें है
ज़ोन-1: ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (Greater Bengaluru Authority) की हद में आने वाले इलाके। यानी बेंगलुरु शहर। पहले इसे BBMP का इलाका कहा जाता था।
ज़ोन-2: राज्य की बाकी सभी महानगर पालिकाएँ और सभी ज़िला मुख्यालय।
ज़ोन-3: इनके अलावा राज्य की बाकी सब जगहें।
सबसे ऊँची दर ज़ोन-1 की है। यानी बेंगलुरु शहर की साइट पर काम करने वाले को पूरे कर्नाटक में सबसे ज़्यादा न्यूनतम मज़दूरी मिलनी चाहिए।
कर्नाटक की दरें — 22 मई 2026 से
दर के दो हिस्से होते हैं — बेसिक, और उसके ऊपर VDA यानी महँगाई भत्ता। आपका हक़ दोनों जोड़कर बनने वाली पूरी रकम पर है।
VDA सबके लिए एक जैसी है: राजपत्र के हिसाब से ₹1,030.80 प्रति माह, यानी ₹39.64 प्रति दिन। (सूचकांक 10328, जमे हुए अंक 9469, यानी 859 अंक ऊपर; प्रति अंक 4 पैसे रोज़।)
ज़ोन-1 की बेसिक दरें: अकुशल ₹899.09, अर्धकुशल ₹989.00, कुशल ₹1,087.90 और अतिकुशल ₹1,196.69 प्रति दिन।
इनमें VDA ₹39.64 जोड़ने पर पूरी दिहाड़ी बनती है: अकुशल ₹938.73, अर्धकुशल ₹1,028.64, कुशल ₹1,127.54 और अतिकुशल ₹1,236.33।
ज़ोन-2 की बेसिक दरें: अकुशल ₹817.35, अर्धकुशल ₹899.09, कुशल ₹989.00 और अतिकुशल ₹1,087.90 प्रति दिन।
ज़ोन-3 की बेसिक दरें: अकुशल ₹743.05, अर्धकुशल ₹817.35, कुशल ₹899.09 और अतिकुशल ₹989.00 प्रति दिन।
महीने का हिसाब 26 दिन से लगता है। ज़ोन-1 के अकुशल की मासिक बेसिक ₹23,376.43 है।
एक बात साफ़ कर दें: ₹938.73 का नंबर सरकारी कागज़ पर छपा हुआ नहीं है — कागज़ पर बेसिक और VDA अलग-अलग छपे हैं। ठेकेदार से बात करते वक़्त दोनों नंबर बताइए, तभी बात पक्की रहती है।
काम के घंटे और ओवरटाइम
अधिसूचना में साफ़ लिखा है कि एक दिन का काम आठ घंटे का होता है।
तय घंटों से ज़्यादा काम करवाने पर ओवरटाइम की दोगुनी मज़दूरी देनी होती है।
हफ़्ते की छुट्टी या त्योहार की छुट्टी वाले दिन काम करने पर भी दोगुनी मज़दूरी बनती है।
मज़दूरी चेक से या सीधे बैंक खाते में दी जानी चाहिए — यह भी अधिसूचना में लिखा है। बैंक में पैसा आए तो हिसाब अपने आप बन जाता है।
सावधान: वह पन्ना जो नया लगता है पर पुराना है
यह कर्नाटक का सबसे बड़ा जाल है।
श्रम विभाग की वेबसाइट पर "Minimum Wages rates for the Year 2026-27" नाम का एक पन्ना खुलता है। नाम से लगता है कि यही आज की दर है।
असल में उस पन्ने पर 81 अलग-अलग उद्योगों के पुराने PDF लगे हैं, किसी पर लागू होने की तारीख़ नहीं लिखी, और 22 मई 2026 की एकल अधिसूचना का उस पर कोई ज़िक्र ही नहीं है। एक ऐसा ही पुराना पन्ना 2025-26 के नाम से भी खुला हुआ है।
सही रास्ता: karmikaspandana.karnataka.gov.in पर "Minimum Wages Final Notification" वाला पन्ना खोलिए। वहाँ 22-05-2026 की दो प्रविष्टियाँ मिलेंगी — एक अधिसूचना और एक एक-पन्ने की साफ़ रेट शीट, जिसमें कन्नड़ और अंग्रेज़ी दोनों में दरों की टेबल है। मज़दूर के लिए वही रेट शीट सबसे आसान कागज़ है।
हर कागज़ पर ऊपर तारीख़ लिखी होती है। वही सबसे पहले पढ़िए। तारीख़ न देखने की वजह से ही लोग पुरानी दर पर काम कर लेते हैं।
आम सवाल
- कोप्पल में लेबर कार्ड कैसे बनवाएँ?
- कोप्पल कर्नाटक में आता है, इसलिए निर्माण मज़दूर Karnataka Building and Other Construction Workers Welfare Board में BOCW अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन कराते हैं। शर्तें और फ़ॉर्म बोर्ड की आधिकारिक साइट पर हैं।
- कोप्पल में निर्माण मज़दूर की न्यूनतम मज़दूरी क्या है?
- न्यूनतम मज़दूरी कर्नाटक सरकार तय करती है और यह काम के दर्जे और क्षेत्र के हिसाब से बदलती है। मौजूदा दरें Karnataka Labour Commissioner — Minimum Wages Final Notification में देखें।
- कर्नाटक में लेबर कार्ड कितने का बनता है?
- कुछ नहीं। मंडल के अपने पन्ने पर अर्ज़ी की फ़ीस ₹0 और सेवा शुल्क ₹0 लिखा है। सिर्फ़ कार्ड खोने या टूटने पर दोबारा बनवाने के ₹100 लगते हैं।
- ठेकेदार कागज़ देने से मना कर रहा है — कर्नाटक में क्या करूँ?
- कर्नाटक में रोज़गार प्रमाणपत्र के चार फ़ॉर्म हैं। V(A) मालिक भरता है, पर V(B) रजिस्टर्ड मज़दूर यूनियन, V(C) श्रम निरीक्षक और V(D) ग्राम पंचायत भी भर सकते हैं। ठेकेदार के बिना भी तीन रास्ते हैं।
- मैं बिहार या यूपी से आया हूँ — क्या मेरा कार्ड बेंगलुरु में बनेगा?
- हाँ। कार्ड इस पर बनता है कि आप कहाँ निर्माण का काम कर रहे हैं, इस पर नहीं कि आपका घर कहाँ है।
- कर्नाटक में काम पर मौत हो जाए तो घरवालों को कितना मिलता है?
- 16 जुलाई 2025 के राजपत्र के मुताबिक नामिनी को ₹8 लाख, और अंतिम संस्कार व अनुग्रह राशि मिलाकर ₹1,46,000। दावा फ़ॉर्म XXI में एक साल के अंदर देना होता है। रकम की पुष्टि 155214 पर कर लीजिए।
- बेंगलुरु में मज़दूर की एक दिन की दिहाड़ी कितनी होनी चाहिए?
- ज़ोन-1 (बेंगलुरु) में अकुशल के लिए ₹938.73 प्रति दिन — बेसिक ₹899.09 और VDA ₹39.64 मिलाकर। यह 22 मई 2026 की अधिसूचना से लागू है।
- बेंगलुरु में मिस्त्री की एक दिन की दिहाड़ी कितनी होनी चाहिए?
- मिस्त्री कुशल दर्जे में आता है, यानी बेंगलुरु में ₹1,127.54 प्रति दिन (बेसिक ₹1,087.90 + VDA ₹39.64)। मिस्त्री क्लास-II अर्धकुशल में आता है, यानी ₹1,028.64 प्रति दिन।
- ठेकेदार कह रहा है सरकारी रेट ₹709 है — क्या यह सही है?
- नहीं, यह पुरानी दर है जो 22 मई 2026 को बदल गई। नई दर ₹938.73 प्रति दिन है। विभाग की वेबसाइट पर "Minimum Wages rates for the Year 2026-27" नाम का पुराना पन्ना अब भी खुलता है, इसलिए हमेशा कागज़ पर लिखी तारीख़ देखिए।
- मैसूर या हुबली में काम करता हूँ — वहाँ कितना बनता है?
- महानगर पालिकाएँ और ज़िला मुख्यालय ज़ोन-2 में आते हैं। वहाँ बेसिक दरें अकुशल ₹817.35, अर्धकुशल ₹899.09, कुशल ₹989.00 और अतिकुशल ₹1,087.90 प्रति दिन हैं, और उन पर VDA ₹39.64 अलग से जुड़ता है।
आस-पास के शहर
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स्रोत
- कर्नाटक मंडल — रजिस्ट्रेशन (फ़ीस ₹0, फ़ॉर्म V(A)-(D))
- मंडल की योजनाएँ और रकम
- कर्मिका सहायवाणी — 155214 / WhatsApp 9845353214
- कर्मिका सेवा केंद्र (KSK) पोर्टल
- राजपत्र 16-07-2025 — दुर्घटना मृत्यु ₹8 लाख, ₹1,46,000
- श्रम विभाग — Minimum Wages Final Notification (यहीं ताज़ा दर देखें)
- एक पन्ने की रेट शीट — 22-05-2026 से लागू
- राजपत्र 25-05-2026 — ज़ोन, घंटे, ओवरटाइम और शर्तें