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राजनांदगाँव में निर्माण मज़दूरी

राजनांदगाँव छत्तीसगढ़ में है, इसलिए यहाँ के निर्माण मज़दूर का लेबर कार्ड, कल्याण बोर्ड और न्यूनतम मज़दूरी छत्तीसगढ़ के नियमों से तय होती है — किसी राष्ट्रीय पेज से नहीं। इस पेज पर वही बातें हैं जो राजनांदगाँव पर लागू होती हैं।

क्षेत्राधिकार: राजनांदगाँव पर छत्तीसगढ़ का श्रम कानून लागू होता है। पास के शहर, चाहे वे एक ही मज़दूर बाज़ार का हिस्सा हों, दूसरे राज्य के बोर्ड में आ सकते हैं।

नियम कहाँ से हैं

छत्तीसगढ़ में लेबर कार्ड

रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर या कोरबा की साइट पर काम कर रहे हैं? तो आपका कार्ड छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल बनाता है। पर सबसे पहले एक बात, क्योंकि इंटरनेट पर आधी जानकारी पुरानी है: श्रम विभाग की पुरानी वेबसाइट cglabour.nic.in अब चलती ही नहीं। सारा काम अब shramevjayate.cg.gov.in से होता है।

अर्ज़ी कहाँ दें

नया पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in है। उसी पर श्रमिक और भवन निर्माण मंडल का हिस्सा बना हुआ है।

अपने रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण की स्थिति ख़ुद देखी जा सकती है — पोर्टल पर इसके लिए अलग-अलग पन्ने बने हुए हैं।

योजना के लिए अलग आवेदन फ़ॉर्म है, जिसका नाम "योजना आवेदन फार्म (भवन निर्माण)" है।

फ़ोन से मदद: मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 0771-3505050। मंडल का अपना नंबर 0771-2971063 और श्रमायुक्त कार्यालय 0771-2443515 है।

मंडल का दफ़्तर: कार्यालय परिसर ब्लॉक A, पहली मंजिल, एकात्म पथ सेक्टर-24, अटल नगर, रायपुर।

सरकारी नियम के मुताबिक अर्ज़ी का निपटारा उसे मिलने के 45 दिन के भीतर हो जाना चाहिए।

कागज़, पात्रता और फ़ीस

मंडल के अपने पन्ने पर पूरी सूची लिखी है। रंगीन पासपोर्ट फ़ोटो, और 90 दिन निर्माण कार्य करने का प्रमाणपत्र स्कैन करके लगाना ज़रूरी है।

और यह ध्यान से पढ़िए: वह प्रमाणपत्र नियोजक या ठेकेदार का हो सकता है, या पंजीकृत निर्माण मज़दूर संघ का। यानी ठेकेदार मना करे तो यूनियन का रास्ता खुला है।

उम्र 18 से 60 साल के बीच। उम्र के सबूत में आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, अंकसूची या जन्म प्रमाण पत्र चलता है।

पते के लिए राशन कार्ड — अपना और परिवार के सदस्यों का, स्थायी और अस्थायी दोनों पते के लिए।

मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर देना अनिवार्य है।

मनरेगा में काम करने वालों के लिए एक अलग छूट है: 50 दिन के काम का जॉब कार्ड चल जाता है।

फ़ीस के बारे में सच यह है कि मंडल के एक पन्ने पर पंजीयन शुल्क ₹10 लिखा है, जबकि मंडल की योजनाओं की सूची में "मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक निःशुल्क कार्ड योजना" भी है, जिसमें पंजीयन और नवीनीकरण मुफ़्त बताया गया है। दोनों बातें एक साथ सरकारी पन्नों पर हैं। इसलिए काउंटर पर पूछिए, और जो भी दें उसकी रसीद ज़रूर लीजिए। सालाना अंशदान की कोई रकम किसी सरकारी पन्ने पर हमें नहीं मिली, इसलिए हमने कोई नहीं लिखी।

छत्तीसगढ़ मंडल की योजनाएँ और रकम

मंडल के अपने योजना पन्ने पर 34 योजनाएँ लगी हैं। नीचे वे हैं जिनकी रकम सरकारी पन्ने पर साफ़ छपी है।

मृत्यु और दिव्यांगता सहायता: सामान्य मृत्यु पर ₹1,00,000, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5,00,000, और दिव्यांगता पर ₹2,50,000।

पेंशन: ₹1,500 प्रति माह, जीवन भर — 60 साल की उम्र और 10 साल के पंजीयन पर। परिवार पेंशन उसका आधा, यानी ₹750 प्रति माह।

आवास सहायता: ₹1,00,000 एकमुश्त, तीन साल लगातार पंजीयन और अपना घर न होने की शर्त पर।

सियान सहायता: ₹20,000 एकमुश्त, 59 से 60 साल की उम्र और तीन साल के पंजीयन पर।

मिनीमाता महतारी जतन योजना ₹20,000 और नोनी सशक्तिकरण योजना ₹20,000, दोनों एकमुश्त।

दीदी ई-रिक्शा सहायता ₹1,00,000 — महिला मज़दूरों के लिए, उम्र 18 से 50 और तीन साल का पंजीयन।

नौनिहाल छात्रवृत्ति ₹1,000 से ₹10,000 तक, और नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा योजना ₹5,000 से ₹1,00,000 तक।

दीर्घायु सहायता: दुर्घटना के इलाज पर असली ख़र्च या ज़्यादा से ज़्यादा ₹20,000; चश्मा ₹1,000, नक़ली दाँत ₹5,000, कान की मशीन ₹6,000; और 15 दिन से ज़्यादा भर्ती रहने पर 15 दिन की न्यूनतम मज़दूरी की भरपाई।

सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए ₹3,00,000। यह योजना अभी ऑफ़लाइन है, यानी दफ़्तर जाकर अर्ज़ी देनी होगी।

साइकिल, सिलाई मशीन, औज़ार किट और सुरक्षा उपकरण किट — ये सामान के रूप में मिलते हैं, इनकी कोई रकम सरकारी पन्ने पर नहीं छपी।

एक चेतावनी: आवास सहायता और दीदी ई-रिक्शा की रकम ₹1,50,000 करने की घोषणा हुई है, पर मंडल के अपने पन्ने पर उसकी स्थिति "प्रक्रियाधीन" लिखी है। यानी वह अभी लागू नहीं है। कोई ₹1.5 लाख का वादा करे तो पहले मंडल से पूछ लीजिए।

छत्तीसगढ़ में न्यूनतम मज़दूरी

रायपुर में मज़दूर को कम से कम ₹439 रोज़ मिलने चाहिए, अगर आप बेलदार यानी अकुशल हैं। मिस्त्री यानी कुशल के लिए ₹494। छत्तीसगढ़ में यह दर हर छह महीने पर बदलती है — आज लागू अधिसूचना 24 मार्च 2026 की है और उसकी दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेंगी। एक बड़ी चेतावनी शुरू में ही: विभाग की वेबसाइट के मेन्यू में जो "न्यूनतम वेतन" वाला लिंक है, वह 2014-15 की दरों पर ले जाता है। उस पर मत जाइए।

आज कौन सी अधिसूचना लागू है

कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़, नवा रायपुर, अटल नगर की अधिसूचना, तारीख़ 24 मार्च 2026। क्रमांक आठ/न्यू0वे0/श्र0आ0/2026/961।

कागज़ पर ही लिखा है कि ये दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू हैं। यानी अक्टूबर 2026 में नई अधिसूचना आएगी।

निर्माण का काम अधिसूचना की परिशिष्ट "अ" में क्रमांक 08 पर है — "भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य में नियोजन"। सड़क और भवन बनाने-सुधारने का काम क्रमांक 16 पर है। दोनों की दरें अनुसूची "ख" में हैं।

महँगाई भत्ते का हिसाब उसी कागज़ पर है — जुलाई से दिसंबर 2025 का औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता सूचकांक औसत 424.80, पिछले 413.52 से 11.28 अंक ऊपर, प्रति अंक ₹20 प्रति माह, यानी ₹226 प्रति माह या ₹8.69 प्रति दिन की बढ़ोतरी।

जोन अ, ब और स — आपकी साइट किसमें है

जोन "अ": रायपुर, दुर्ग, भिलाई, भिलाई-चरोदा और बिरगाँव नगर निगम की सीमा और उससे 16 किलोमीटर तक बाहर। इसके अलावा राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्र और औद्योगिक विकास केंद्र, अटल नगर तथा रायपुर विकास प्राधिकरण का इलाक़ा, और 300 या ज़्यादा मज़दूरों वाली सभी लाइसेंसशुदा फ़ैक्ट्रियाँ।

जोन "ब": राजनांदगाँव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर, जगदलपुर, चिरमिरी और धमतरी नगर निगम की सीमा और उससे 8 किलोमीटर तक बाहर।

जोन "स": बाकी सारा छत्तीसगढ़।

16 किलोमीटर वाली बात ख़ास तौर पर काम की है। रायपुर या भिलाई के बाहर बन रही किसी भी साइट पर काम कर रहे हैं तो यह नाप लीजिए — शहर से 16 किलोमीटर के अंदर हुए तो आपकी दर जोन "अ" की बनती है, जोन "स" की नहीं।

छत्तीसगढ़ की दरें — 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक

महँगाई भत्ता तीनों जोन में एक जैसा है — ₹3,082 प्रति माह, यानी ₹118.54 प्रति दिन। नीचे की हर रकम में वह जुड़ा हुआ है।

अकुशल: जोन अ में ₹439 प्रति दिन (₹11,402 प्रति माह), जोन ब में ₹429 (₹11,142), जोन स में ₹419 (₹10,882)।

अर्द्धकुशल: जोन अ में ₹464 प्रति दिन (₹12,052), जोन ब में ₹454 (₹11,792), जोन स में ₹444 (₹11,532)।

कुशल: जोन अ में ₹494 प्रति दिन (₹12,832), जोन ब में ₹484 (₹12,572), जोन स में ₹474 (₹12,312)।

उच्च कुशल: जोन अ में ₹524 प्रति दिन (₹13,612), जोन ब में ₹514 (₹13,352), जोन स में ₹504 (₹13,092)।

महीने और दिन का हिसाब 26 से जुड़ता है।

ध्यान दीजिए कि छत्तीसगढ़ में दर्जों के बीच का फ़र्क छोटा है — अकुशल और उच्च कुशल में सिर्फ़ ₹85 रोज़ का। जोन का फ़र्क भी ₹20 रोज़ का ही है। इसलिए यहाँ असली लड़ाई दर्जे की नहीं, यह पक्का करने की है कि आपको पूरी अधिसूचित दर मिल रही हो।

मेन्यू वाला लिंक मत खोलिए

यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा जाल है, और यह विभाग के अपने मेन्यू में है।

वेबसाइट के मेन्यू में एक लिंक है — "न्यूनतम वेतन एवं परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की दरें"। नाम में कोई तारीख़ नहीं है, इसलिए लगता है कि यही आज की दर है।

उसे खोलने पर जो टेबल दिखती है, उसके शीर्षक हैं "दिनांक 01-10-2014 से 31-03-2015" और "दिनांक 01-04-2015 से 30-09-2015"। उसमें अकुशल की मासिक दर पाँच-छह हज़ार के आसपास है। उस पन्ने के नीचे ही लिखा है कि वह 22 मार्च 2020 को आख़िरी बार अपडेट हुआ था।

यानी विभाग की अपनी नेविगेशन आपको ग्यारह साल पुरानी दर पर पहुँचा देती है। इससे आपकी दिहाड़ी आधी से भी कम बैठेगी।

सही रास्ता यह है: shramevjayate.cg.gov.in के मुखपृष्ठ पर उस कागज़ को ढूँढ़िए जिसके नाम में "01.04.2026 से प्रभावशील" लिखा हो। वही आज की दर है।

एक और बात: विभाग के अधिनियम-नियम वाले रजिस्टर में अभी 1 अक्टूबर 2025 तक की ही अधिसूचनाएँ चढ़ी हैं। यानी वह रजिस्टर भी पीछे चल रहा है। हमेशा कागज़ पर लिखी तारीख़ देखिए।

आम सवाल

राजनांदगाँव में लेबर कार्ड कैसे बनवाएँ?
राजनांदगाँव छत्तीसगढ़ में आता है, इसलिए निर्माण मज़दूर Chhattisgarh Building & Other Construction Workers Welfare Board (via Shramev Jayate, CG Labour Department) में BOCW अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन कराते हैं। शर्तें और फ़ॉर्म बोर्ड की आधिकारिक साइट पर हैं।
राजनांदगाँव में निर्माण मज़दूर की न्यूनतम मज़दूरी क्या है?
न्यूनतम मज़दूरी छत्तीसगढ़ सरकार तय करती है और यह काम के दर्जे और क्षेत्र के हिसाब से बदलती है। मौजूदा दरें Labour Commissioner, Chhattisgarh — minimum wages effective 01-04-2026 (PDF, ~1.9 MB) में देखें।
छत्तीसगढ़ में लेबर कार्ड कहाँ बनता है?
shramevjayate.cg.gov.in पर। पुरानी वेबसाइट cglabour.nic.in अब चलती नहीं है, इसलिए उस पते वाली कोई भी जानकारी पुरानी है।
ठेकेदार 90 दिन का कागज़ नहीं दे रहा — छत्तीसगढ़ में क्या करूँ?
मंडल के अपने पन्ने पर लिखा है कि वह प्रमाणपत्र नियोजक, ठेकेदार या पंजीकृत निर्माण मज़दूर संघ में से किसी के भी द्वारा जारी किया जा सकता है। यूनियन का रास्ता खुला है।
छत्तीसगढ़ में लेबर कार्ड कितने का बनता है?
यहाँ सरकारी पन्ने आपस में मेल नहीं खाते — एक पन्ने पर ₹10 लिखा है, जबकि मंडल की योजना सूची में "निःशुल्क कार्ड योजना" भी है जिसमें पंजीयन और नवीनीकरण मुफ़्त बताया गया है। काउंटर पर पूछिए और रसीद लीजिए।
छत्तीसगढ़ में काम पर मौत हो जाए तो घरवालों को कितना मिलता है?
मंडल के योजना पन्ने के मुताबिक कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5,00,000, सामान्य मृत्यु पर ₹1,00,000, और दिव्यांगता पर ₹2,50,000।
रायपुर में मज़दूर की एक दिन की दिहाड़ी कितनी होनी चाहिए?
रायपुर जोन "अ" में आता है। वहाँ 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक अकुशल ₹439, अर्द्धकुशल ₹464, कुशल ₹494 और उच्च कुशल ₹524 प्रति दिन — महँगाई भत्ता जोड़कर।
शहर से बाहर की साइट पर कौन सा जोन लगेगा?
रायपुर, दुर्ग, भिलाई, भिलाई-चरोदा और बिरगाँव के मामले में नगर निगम की सीमा से 16 किलोमीटर तक जोन "अ" ही रहता है। बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ जैसे जोन "ब" वाले शहरों के लिए यह दूरी 8 किलोमीटर है।
वेबसाइट पर अकुशल की दर पाँच-छह हज़ार दिख रही है, क्या यह सही है?
नहीं। वह विभाग के मेन्यू वाले पुराने पन्ने की 2014-15 की दर है, जो मार्च 2020 के बाद अपडेट ही नहीं हुआ। आज की दर जोन "अ" में अकुशल के लिए ₹11,402 प्रति माह है।
छत्तीसगढ़ में रेट कब बदलता है?
हर छह महीने पर। मौजूदा दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की हैं, यानी अगली अधिसूचना अक्टूबर 2026 में आएगी।

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