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रेवाड़ी में निर्माण मज़दूरी

रेवाड़ी हरियाणा में है, इसलिए यहाँ के निर्माण मज़दूर का लेबर कार्ड, कल्याण बोर्ड और न्यूनतम मज़दूरी हरियाणा के नियमों से तय होती है — किसी राष्ट्रीय पेज से नहीं। इस पेज पर वही बातें हैं जो रेवाड़ी पर लागू होती हैं।

रेवाड़ी का श्रम कार्यालय

सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, रेवाड़ी

House No. 1, Guru Chowk, Model Town, Rewari

01274-221879

रेवाड़ी ज़िला।

स्रोत: Labour Department, Haryana — locate office

क्षेत्राधिकार: रेवाड़ी पर हरियाणा का श्रम कानून लागू होता है। पास के शहर, चाहे वे एक ही मज़दूर बाज़ार का हिस्सा हों, दूसरे राज्य के बोर्ड में आ सकते हैं।

नियम कहाँ से हैं

हरियाणा में लेबर कार्ड

गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, सोनीपत या पानीपत की साइट पर काम है? तो हरियाणा में आपका लेबर कार्ड बन सकता है — फ़ीस ₹25 और उसके ऊपर ₹5 महीना। बिहार, यूपी या राजस्थान से आए हुए हैं तो भी बनेगा; कार्ड इस पर बनता है कि आप काम कहाँ कर रहे हैं। पर हरियाणा में एक कागज़ सबसे पहले चाहिए — परिवार पहचान पत्र। यहाँ लगभग हर सरकारी काम उसी से जुड़ा है, इसलिए उसमें नाम, उम्र और पता पहले ठीक करा लीजिए, वरना अर्ज़ी वहीं अटक जाएगी।

अर्ज़ी कहाँ दें

श्रम विभाग की वेबसाइट hrylabour.gov.in है और उसी पर निर्माण मज़दूर रजिस्ट्रेशन का हिस्सा बना हुआ है।

मज़दूर का अपना लॉगिन registration.hrylabour.gov.in पर बनता है। वहीं से अर्ज़ी, अंशदान और अपनी जानकारी देखी जाती है।

अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) से भी अर्ज़ी दी जा सकती है। सरल केंद्र लगभग हर तहसील में हैं और वहाँ बैठे कर्मचारी फ़ॉर्म भरने में मदद कर देते हैं।

फ़ोन से मदद चाहिए तो श्रमिक हेल्पलाइन 0172-2971057 या टोल-फ़्री 1800-180-2129 पर सुबह 8 से रात 8 बजे तक, सोमवार से शनिवार। बोर्ड का अपना नंबर 0172-2575300 है और सरल हेल्पलाइन 0172-3968400।

फ़ीस और अंशदान

श्रम विभाग के अपने पन्ने पर लिखा है: रजिस्ट्रेशन शुल्क ₹25 और सदस्यता के लिए ₹5 प्रति माह अंशदान।

यानी साल भर का अंशदान ₹60 बनता है। पोर्टल पर एक साथ एक, दो या तीन साल का अंशदान भरने की सुविधा है।

हर बार रसीद लीजिए और उसका फ़ोटो फ़ोन में रखिए। योजना का दावा करते वक़्त सबसे पहले यही देखा जाता है कि आपका अंशदान चालू है या नहीं।

कौन-कौन से कागज़ लगेंगे

परिवार पहचान पत्र (Family ID)। हरियाणा में यह सबसे पहला कागज़ है — इसमें आपका नाम, उम्र और पता जो लिखा है, वही सरकार के लिए सच है। उसमें कुछ ग़लत है तो पहले वह ठीक कराइए, वरना अर्ज़ी अटकेगी।

उम्र का प्रमाणपत्र।

निर्माण श्रमिक होने का प्रमाणपत्र।

नियोक्ता से पिछले एक साल में 90 दिन काम करने का ब्यौरा — और वह वेबसाइट पर दिए गए प्रोफ़ॉर्मा के मुताबिक होना चाहिए। अपने मन से लिखा हुआ कागज़ नामंज़ूर हो सकता है, इसलिए प्रोफ़ॉर्मा पहले डाउनलोड कीजिए और वही भरवाइए।

एक शर्त और है जो हरियाणा में अलग से लिखी है: आप किसी दूसरे कल्याण बोर्ड के सदस्य नहीं होने चाहिए।

हरियाणा बोर्ड की योजनाएँ और रकम

ये रकमें बोर्ड के अपने योजना पन्नों से ली गई हैं, अगस्त 2026 में, और साथ में नियम संख्या भी वहीं लिखी है।

मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना (नियम 57): ₹5,00,000। यह सबसे बड़ी रकम है।

मृत्यु सहायता (नियम 57): ₹2,00,000। दाह संस्कार के लिए ₹15,000 (नियम 56)। दोनों मिलाकर बोर्ड के पन्ने पर ₹2,15,000 का एक जोड़ भी लिखा है।

पेंशन (नियम 51): ₹3,500 प्रति माह। परिवारिक पेंशन (नियम 62): ₹1,750 प्रति माह। अपंगता पेंशन (नियम 54): ₹3,000 प्रति माह।

शादी की मदद (नियम 61): बेटी की शादी पर ₹50,000, बेटे की शादी पर ₹21,000। कन्यादान योजना अलग से ₹51,000 की है।

पितृत्व लाभ ₹21,000। औज़ार (टूल किट, नियम 55) ₹8,000। मकान ख़रीदने या बनाने के लिए ₹2,00,000 तक का कर्ज़ (नियम 53)।

सिलाई मशीन ₹4,500, साइकिल ₹5,000, मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान ₹5,100, और अक्षम बच्चों के लिए ₹3,000।

एक बात साफ़ कह देना ज़रूरी है: बोर्ड के पोर्टल पर कुछ योजनाएँ एक से ज़्यादा बार, अलग-अलग रकम के साथ लगी हुई हैं — मातृत्व लाभ एक जगह ₹36,000 लिखा है और दूसरी जगह ₹50,000। इसलिए हमने उसका कोई एक नंबर यहाँ नहीं दिया। अपनी योजना की आज की रकम 1800-180-2129 पर पूछकर पक्की कीजिए।

कार्ड कितने दिन चलता है

सच यह है कि हरियाणा के सरकारी पन्नों पर कार्ड की मियाद या रिन्यू का नियम साफ़ लिखा हुआ हमें नहीं मिला। इसलिए हम यहाँ कोई मियाद नहीं बता रहे — ग़लत बताने से बेहतर है न बताना।

जो साफ़ है वह यह है कि अंशदान ऑनलाइन एक, दो या तीन साल के लिए भरा जा सकता है, और अंशदान चालू रहना ही सदस्यता चालू रहने की शर्त है।

इसलिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है: अंशदान कभी टूटने मत दीजिए, और साल में एक बार अपने लॉगिन में जाकर देख लीजिए कि सदस्यता चालू दिख रही है या नहीं।

अपने मामले में मियाद क्या है, यह टोल-फ़्री 1800-180-2129 पर या बोर्ड के 0172-2575300 पर पूछ लीजिए।

हरियाणा में न्यूनतम मज़दूरी

हरियाणा में मज़दूर को कम से कम ₹585.41 रोज़ मिलने चाहिए — यानी ₹15,220.71 महीना, अगर आप बेलदार यानी अकुशल हैं। मिस्त्री यानी कुशल की दिहाड़ी ₹711.56 है। गुरुग्राम हो या हिसार, पूरे हरियाणा में यही एक दर चलती है — कोई ज़ोन नहीं। यह दर 9 अप्रैल 2026 की नई अधिसूचना से आई है और 1 अप्रैल 2026 से लागू है। वह अधिसूचना नई वेतन संहिता 2019 के तहत निकली है और उसने 2015 वाली पुरानी बुनियाद बदल दी है।

आज कौन सी अधिसूचना लागू है

अधिसूचना संख्या 2/25/26-2 Lab, तारीख़ 9 अप्रैल 2026, हरियाणा सरकार का असाधारण राजपत्र संख्या 51-2026/Ext.।

लागू होने की तारीख़: 1 अप्रैल 2026।

यह वेतन संहिता 2019 की धारा 8(3) के तहत निकली है और इसने 21 अक्टूबर 2015 की पुरानी अधिसूचना की जगह ली है।

यह अधिसूचना "राज्य के सभी नियोजनों" पर लागू है। यानी हरियाणा में निर्माण के लिए अलग से कोई सूची नहीं है — निर्माण मज़दूर भी इन्हीं चार दर्जों में आता है।

ईंट-भट्ठों की दर अलग से अधिसूचित की जाएगी, यह इसी कागज़ पर लिखा है। भट्ठे पर काम करते हैं तो यह दर आपकी नहीं है।

हरियाणा की दरें — 1 अप्रैल 2026 से

अकुशल: ₹15,220.71 प्रति माह, यानी ₹585.41 प्रति दिन।

अर्धकुशल: ₹16,780.74 प्रति माह, यानी ₹645.41 प्रति दिन।

कुशल: ₹18,500.81 प्रति माह, यानी ₹711.56 प्रति दिन।

अतिकुशल: ₹19,425.85 प्रति माह, यानी ₹747.14 प्रति दिन।

दिहाड़ी निकालने का हिसाब अधिसूचना में ही लिखा है — महीने की दर को 26 से भाग दीजिए। (ग़ैरहाज़िरी की कटौती के लिए 30 से भाग दिया जाता है, यह भी वहीं लिखा है।)

सीखने वाले (trainee) को उसी दर्जे की मज़दूरी का 75% मिलता है, पर अकुशल की दर से कम नहीं, और सीखने की अवधि एक साल से ज़्यादा नहीं हो सकती।

अधिसूचना में यह भी साफ़ लिखा है कि मर्द और औरत की मज़दूरी में कोई फ़र्क नहीं होगा।

बेसिक का मतलब यहाँ अलग है — यह ज़रूर समझिए

हरियाणा की अधिसूचना में जो दरें लिखी हैं, वे "बेसिक न्यूनतम दर" हैं। पर इसका मतलब यह नहीं कि मालिक इसमें से कुछ काट सकता है।

अधिसूचना में साफ़ लिखा है कि इन दरों को मालिक भत्तों में तोड़कर नहीं दिखा सकता। यानी जो नंबर ऊपर लिखा है, वह पूरा आपके हाथ में आना चाहिए।

महँगाई के हिसाब से आगे बढ़ोतरी होगी — अधिसूचना में 100% न्यूट्रलाइज़ेशन की बात लिखी है और आगे का हिसाब वेतन संहिता नियम 2026 के मुताबिक होगा।

ईमानदारी से एक बात: अप्रैल 2026 के बाद कोई नया महँगाई भत्ता आदेश हमें विभाग की वेबसाइट पर नहीं मिला। इसलिए हमने ऊपर की दरों में अपनी तरफ़ से कुछ नहीं जोड़ा है। नया आदेश आया या नहीं, यह विभाग की अधिसूचना सूची में देख लीजिए।

ताज़ा दर ख़ुद कैसे देखें

hrylabour.gov.in खोलिए और न्यूनतम मज़दूरी की अधिसूचनाओं वाली सूची देखिए। हरियाणा की यह सूची तारीख़ के साथ, नए से पुराने के क्रम में लगी है — इस मामले में हरियाणा की वेबसाइट कई दूसरे राज्यों से बेहतर है।

सबसे ऊपर वाली अधिसूचना खोलिए और उस पर लिखी "with effect from" वाली तारीख़ पढ़िए।

एक बात ध्यान रखिए: हरियाणा में पहले दर 1 जनवरी और 1 जुलाई को बदलती थी। इस बार क्रम बदल गया — 1 जुलाई 2025 के बाद सीधे 1 अप्रैल 2026 की अधिसूचना आई, बीच में 1 जनवरी 2026 की कोई अधिसूचना नहीं है। इसलिए तारीख़ के भरोसे अंदाज़ा मत लगाइए, सूची देखिए।

अपने दर्जे वाली लाइन का स्क्रीनशॉट फ़ोन में रख लीजिए।

आम सवाल

रेवाड़ी में लेबर कार्ड कैसे बनवाएँ?
रेवाड़ी हरियाणा में आता है, इसलिए निर्माण मज़दूर Haryana Building and Other Construction Workers Welfare Board में BOCW अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन कराते हैं। शर्तें और फ़ॉर्म बोर्ड की आधिकारिक साइट पर हैं।
रेवाड़ी में निर्माण मज़दूर की न्यूनतम मज़दूरी क्या है?
न्यूनतम मज़दूरी हरियाणा सरकार तय करती है और यह काम के दर्जे और क्षेत्र के हिसाब से बदलती है। मौजूदा दरें Haryana Labour Department — minimum wage notifications में देखें।
रेवाड़ी में श्रम कार्यालय (लेबर ऑफ़िस) कहाँ है?
सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, रेवाड़ी — House No. 1, Guru Chowk, Model Town, Rewari। फ़ोन: 01274-221879। क्षेत्र: रेवाड़ी ज़िला।
हरियाणा में लेबर कार्ड कितने का बनता है?
रजिस्ट्रेशन शुल्क ₹25 और उसके ऊपर ₹5 प्रति माह अंशदान। यह श्रम विभाग के अपने पन्ने पर लिखा है। पोर्टल पर एक साथ तीन साल तक का अंशदान भरा जा सकता है।
परिवार पहचान पत्र नहीं है, तो भी कार्ड बनेगा क्या?
हरियाणा की सूची में परिवार पहचान पत्र पहला कागज़ है। इसलिए पहले वह बनवाइए और उसमें नाम, उम्र और पता ठीक करा लीजिए — उसी में लिखी जानकारी आगे हर योजना में इस्तेमाल होती है।
पहले से किसी और बोर्ड का सदस्य हूँ — क्या यह कार्ड भी बन जाएगा?
नहीं। हरियाणा की शर्तों में साफ़ लिखा है कि आप किसी अन्य कल्याणकारी बोर्ड के सदस्य नहीं होने चाहिए।
हरियाणा में काम पर मौत हो जाए तो घरवालों को कितना मिलता है?
बोर्ड के पन्नों के मुताबिक मृत्यु सहायता ₹2,00,000 और दाह संस्कार के ₹15,000, तथा मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना में ₹5,00,000। अपने मामले में कौन सी योजना बनती है, यह 1800-180-2129 पर पूछ लीजिए।
हरियाणा में मज़दूर की एक दिन की दिहाड़ी कितनी होनी चाहिए?
अकुशल ₹585.41 प्रति दिन (₹15,220.71 प्रति माह), अर्धकुशल ₹645.41, कुशल ₹711.56 और अतिकुशल ₹747.14 प्रति दिन। यह 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना की दर है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू है।
गुरुग्राम और हिसार का रेट अलग-अलग है क्या?
नहीं। हरियाणा की अधिसूचना पूरे राज्य के सभी नियोजनों पर एक ही दर लागू करती है। कोई ज़ोन नहीं है।
हरियाणा में इस दर के ऊपर महँगाई भत्ता और मिलेगा क्या?
अधिसूचना कहती है कि ये बेसिक दरें हैं और इन्हें भत्तों में तोड़कर नहीं दिखाया जा सकता, तथा महँगाई के हिसाब से आगे बढ़ोतरी होगी। अप्रैल 2026 के बाद का कोई नया भत्ता आदेश हमें नहीं मिला, इसलिए हमने अपनी तरफ़ से कुछ नहीं जोड़ा है।
मैं निर्माण मज़दूर हूँ — हरियाणा में मेरे लिए अलग रेट क्यों नहीं है?
क्योंकि हरियाणा की अधिसूचना राज्य के सभी नियोजनों पर एक साथ लागू होती है। निर्माण मज़दूर भी उन्हीं चार दर्जों — अकुशल, अर्धकुशल, कुशल, अतिकुशल — में गिना जाता है।

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