सामग्री पर जाएँ

श्रीगंगानगर में निर्माण मज़दूरी

श्रीगंगानगर राजस्थान में है, इसलिए यहाँ के निर्माण मज़दूर का लेबर कार्ड, कल्याण बोर्ड और न्यूनतम मज़दूरी राजस्थान के नियमों से तय होती है — किसी राष्ट्रीय पेज से नहीं। इस पेज पर वही बातें हैं जो श्रीगंगानगर पर लागू होती हैं।

क्षेत्राधिकार: श्रीगंगानगर पर राजस्थान का श्रम कानून लागू होता है। पास के शहर, चाहे वे एक ही मज़दूर बाज़ार का हिस्सा हों, दूसरे राज्य के बोर्ड में आ सकते हैं।

नियम कहाँ से हैं

राजस्थान में लेबर कार्ड

जयपुर, जोधपुर, कोटा या उदयपुर की साइट पर काम है? तो राजस्थान में आपका कार्ड राजस्थान भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल बनाता है और फ़ीस ₹25 है। राजस्थान की एक बात दूसरे राज्यों से बेहतर है — यहाँ काम का प्रमाणपत्र देने वाले चार लोग हो सकते हैं, सिर्फ़ ठेकेदार नहीं। और पत्थर की खदान या कटाई में लगे मज़दूरों के लिए, जिन्हें सिलिकोसिस का ख़तरा रहता है, यह कार्ड सबसे ज़रूरी कागज़ है।

अर्ज़ी कहाँ दें

श्रम विभाग की वेबसाइट labour.rajasthan.gov.in है। उसी पर "Register under BOCW Act" वाला लिंक है, जो एसएसओ राजस्थान (sso.rajasthan.gov.in) के लॉगिन पर ले जाता है।

यानी राजस्थान में पहले एसएसओ आईडी बनानी पड़ती है, फिर उसी से निर्माण मज़दूर पंजीयन होता है। एसएसओ आईडी एक बार बन गई तो राज्य की बाकी सरकारी सेवाओं में भी वही काम आती है।

एक चेतावनी: bocw.rajasthan.gov.in नाम का पता अब चलता नहीं। इंटरनेट पर कई जगह वही लिखा मिलता है। सही पता labour.rajasthan.gov.in है।

फ़ोन से मदद: मंडल सचिव 0141-2222961, संयुक्त सचिव 0141-2222161, और श्रम आयुक्त कार्यालय 0141-2450781। ईमेल BOCW@RAJASTHAN.GOV.IN।

नवीनीकरण की अर्ज़ी का निपटारा मंडल के अपने आदेश के मुताबिक 30 दिन के भीतर होना चाहिए।

फ़ीस ₹25 — और अंशदान का नियम

मंडल के अपने अर्ज़ी फ़ॉर्म (प्रपत्र-पाँच, नियम 44(2)) में साफ़ लिखा है कि निर्धारित पंजीयन शुल्क ₹25 मात्र जमा कराना होगा।

अंशदान हर साल, आपके पंजीयन की सालगिरह पर देना होता है।

सबसे ज़रूरी नियम यह है: मंडल के परिपत्र के मुताबिक लगातार एक साल तक अंशदान जमा न कराने पर हिताधिकारी का दर्जा ख़त्म हो जाता है।

पर रास्ता बंद नहीं होता — बकाया अंशदान ₹2 प्रति माह शास्ति (जुर्माने) के साथ जमा करके दोबारा शुरू किया जा सकता है।

ईमानदारी से एक बात: सालाना अंशदान की असली रकम कितनी है, यह हमें किसी सरकारी पन्ने पर नहीं मिली। सिर्फ़ जुर्माने की रकम और दर्जा ख़त्म होने का नियम मिला है। इसलिए हमने कोई अंदाज़ा नहीं लगाया — 0141-2222961 पर पूछ लीजिए।

कागज़ — और चार लोग जो प्रमाणपत्र दे सकते हैं

यह राजस्थान की सबसे काम की बात है और यह मंडल के अपने फ़ॉर्म में लिखी हुई है।

निर्माण मज़दूर होने का प्रमाणपत्र इनमें से कोई भी दे सकता है — नियोजक या ठेकेदार, या किसी पंजीकृत निर्माण मज़दूर संघ का अध्यक्ष या महासचिव, या पंचायत का कार्यकारी अधिकारी, या आपके इलाक़े का श्रम निरीक्षक।

यानी ठेकेदार दस्तख़त न करे तो तीन और रास्ते खुले हैं। यह बात ज़्यादातर मज़दूरों को नहीं बताई जाती, और इसी वजह से लोग कार्ड बनवाना छोड़ देते हैं।

उम्र का सबूत: स्कूल का प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार का प्रमाणपत्र, या सक्षम चिकित्सा अधिकारी का प्रमाणपत्र।

तीन पासपोर्ट साइज़ रंगीन फ़ोटो — एक फ़ॉर्म पर चिपकाने के लिए और दो अलग से।

पिछले बारह महीनों में जिन-जिन नियोजकों के यहाँ काम किया, उन सबका ब्यौरा। परिवार का ब्यौरा। और ESI या EPF नंबर, अगर हो।

एक बात साफ़ कह दें: उम्र की सीमा और 90 दिन काम की शर्त केंद्र के कानून से आती है और वह हर राज्य पर लागू है। पर राजस्थान के अपने फ़ॉर्म में दिनों की जगह खाली छोड़ी गई है और वहाँ कोई संख्या छपी नहीं है। इसलिए हम राजस्थान के लिए कोई अलग नंबर नहीं बता रहे — अर्ज़ी देते वक़्त काउंटर पर पूछ लीजिए।

राजस्थान मंडल की योजनाएँ

मंडल की वेबसाइट पर 13 योजनाएँ हैं, और हर योजना दो रूपों में लगी है — पुरानी और संशोधित (Updated)।

नाम ये हैं: शुभशक्ति योजना; निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा; शिक्षा व कौशल विकास; सुलभ्य आवास; औजार या टूलकिट; प्रसूति सहायता; सिलिकोसिस; मृत्यु और घायल सहायता; विदेश रोज़गार वीज़ा ख़र्च की भरपाई; अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन; प्रशासनिक सेवा परीक्षा प्रोत्साहन; व्यावसायिक ऋण के ब्याज की भरपाई; और IIT या IIM की ट्यूशन फ़ीस की भरपाई।

एक ईमानदार बात: मंडल के योजना पन्ने पर किसी योजना की रकम नहीं छपी। रकमें अलग-अलग दस्तावेज़ों में हैं, और उनमें से ज़्यादातर पुराने हिंदी फ़ॉन्ट में हैं जिन्हें पक्के तौर पर पढ़ा नहीं जा सका। इसलिए हमने सिर्फ़ वही रकम नीचे दी है जो हम पूरा भरोसा करके पढ़ पाए। बाकी योजनाओं की रकम 0141-2222961 पर पूछिए — अंदाज़े से लिखा नंबर आपका नुक़सान करेगा।

प्रसूति सहायता योजना (18 अगस्त 2021 का संशोधित रूप): बेटी के जन्म पर ₹21,000 और बेटे के जन्म पर ₹20,000, तीन किश्तों में। पहली किश्त प्रसव के बाद ₹5,000। दूसरी किश्त बच्चे के एक साल पूरा होने और पूरा टीकाकरण होने पर ₹5,000। तीसरी किश्त बच्चे के पाँच साल पूरे होने और स्कूल में दाख़िले पर — बेटे के लिए ₹10,000 और बेटी के लिए ₹11,000।

इसी योजना की शर्तें: प्रसव के समय माँ की उम्र कम से कम 20 साल हो, ज़्यादा से ज़्यादा दो प्रसव, प्रसव संस्थागत (अस्पताल में) हुआ हो, और अंशदान में चूक करने वाले पात्र नहीं होंगे।

यह आख़िरी शर्त दोहराने लायक है: अंशदान न भरने पर आप योजना से बाहर हो जाते हैं। इसलिए अंशदान कभी मत टूटने दीजिए।

राजस्थान में न्यूनतम मज़दूरी

राजस्थान में सरकारी न्यूनतम दर आज ₹285 रोज़ है, अगर आप बेलदार यानी अकुशल हैं। मिस्त्री यानी कुशल के लिए ₹309। जयपुर हो या कोई गाँव, पूरे राजस्थान की एक ही दर है — कोई ज़ोन नहीं। अब वह बात जिस पर इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा गलतफ़हमी है: यह अधिसूचना छपी दिसंबर 2024 में थी, पर लागू 1 जनवरी 2023 से है — और उसके बाद कोई नई दर अधिसूचित नहीं हुई। यानी जो कागज़ "2024" या "2026" के नाम से घूम रहा है, उसकी दरें 2023 वाली ही हैं।

आज कौन सी अधिसूचना लागू है

अधिसूचना संख्या एफ.8(5)(6)न्यू.म.अभि./श्रम/आई.आर./2000/पार्ट/00212, जयपुर, तारीख़ 13 दिसंबर 2024, राजस्थान राजपत्र असाधारण भाग 1(ख)।

उसकी टिप्पणी 10 में साफ़ लिखा है: "उक्त मजदूरी की दरें दिनांक 01.01.2023 से लागू होंगी।"

यह 28 जून 2022 की पुरानी अधिसूचना की जगह लेती है।

निर्माण का काम अधिसूचना की अनुसूची भाग-एक में क्रमांक 22 पर है — "सड़कों के सन्निर्माण या अनुरक्षण या निर्माण संक्रियाओं में नियोजन"। सार्वजनिक निर्माण विभाग के मज़दूर क्रमांक 27 पर और सिंचाई विभाग के क्रमांक 26 पर हैं।

राजस्थान की दरें

अकुशल: ₹285 प्रति दिन, ₹7,410 प्रति माह।

अर्द्धकुशल: ₹297 प्रति दिन, ₹7,722 प्रति माह।

कुशल: ₹309 प्रति दिन, ₹8,034 प्रति माह।

उच्च कुशल: ₹359 प्रति दिन, ₹9,334 प्रति माह।

इन दरों में महँगाई भत्ता पहले से जुड़ा हुआ है। अधिसूचना की टिप्पणी 3 में लिखा है कि इनमें निर्वाह भत्ता और सुविधाओं के एवज़ में रोकड़ मूल्य सम्मिलित है। यानी इनके ऊपर कुछ और नहीं जुड़ता।

महीने और दिन का हिसाब 26 से जुड़ता है, और हफ़्ते की छुट्टी का पैसा इसी में शामिल है।

अधिसूचना की और शर्तें: आठ घंटे से ज़्यादा काम पर दोगुनी मज़दूरी; 18 साल से कम उम्र वाले और दिव्यांग मज़दूर को भी वयस्क के बराबर मज़दूरी; और चार घंटे से कम के काम पर आधी मज़दूरी।

यह दर बहुत नीची है — और यह जानना आपके काम का है

सीधी बात: ₹285 रोज़ की दर आज के बाज़ार से बहुत नीचे है। जयपुर, जोधपुर या कोटा की किसी भी साइट पर हेल्पर को इससे कम पर काम मिलना लगभग नामुमकिन है, और मिस्त्री की असल दिहाड़ी तो इससे कई गुना है।

इसकी वजह यह है कि राजस्थान ने 2023 के बाद दर बदली ही नहीं, जबकि इन तीन-चार सालों में महँगाई काफ़ी बढ़ी है।

इसका मतलब यह नहीं कि यह नंबर बेकार है। यह अब भी कानूनी फ़र्श है — इससे कम देना जुर्म है, और शिकायत करने पर यही नंबर आधार बनता है।

पर इसका मतलब यह ज़रूर है कि राजस्थान में मोल-भाव करते वक़्त सिर्फ़ सरकारी दर का हवाला देना काफ़ी नहीं है। इलाक़े का बाज़ार रेट पता कीजिए — वही आपकी असली शुरुआत है।

नाम पर मत जाइए, तारीख़ पर जाइए

राजस्थान का जाल थोड़ा अलग किस्म का है। यहाँ कोई पुराना पन्ना नए नाम से नहीं परोसा जा रहा — यहाँ ख़ुद कागज़ का नाम गुमराह करता है।

जो फ़ाइल विभाग की वेबसाइट से मिलती है उसका नाम "MinimumWages 2024" है और सूची में तारीख़ 13 दिसंबर 2024 लगी है। इससे लगता है कि दरें 2024 की हैं। असल में वे 1 जनवरी 2023 से लागू हैं।

इंटरनेट पर कुछ जगह "राजस्थान न्यूनतम मज़दूरी 2026" जैसे शीर्षक मिलते हैं, पर उनके नीचे यही 2023 वाले नंबर लिखे होते हैं। सरकारी वेबसाइट पर 2025 या 2026 की कोई नई दर अधिसूचित नहीं है।

एक और चीज़ जिससे धोखा होता है: विभाग की सूची में 3 नवंबर 2025 का एक "Variable Dearness Allowance" वाला कागज़ भी है। वह इंजीनियरिंग वेज बोर्ड के लिए है, निर्माण के लिए नहीं, और उसमें रुपये में कोई दर लिखी ही नहीं है — सिर्फ़ सूचकांक के अंक हैं।

देखने की जगह: labour.rajasthan.gov.in पर Notification वाला पन्ना। हर बार कागज़ के अंदर "लागू होंगी" वाली लाइन पढ़िए, नाम मत पढ़िए।

आम सवाल

श्रीगंगानगर में लेबर कार्ड कैसे बनवाएँ?
श्रीगंगानगर राजस्थान में आता है, इसलिए निर्माण मज़दूर Rajasthan Building & Other Construction Workers Welfare Board में BOCW अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन कराते हैं। शर्तें और फ़ॉर्म बोर्ड की आधिकारिक साइट पर हैं।
श्रीगंगानगर में निर्माण मज़दूर की न्यूनतम मज़दूरी क्या है?
न्यूनतम मज़दूरी राजस्थान सरकार तय करती है और यह काम के दर्जे और क्षेत्र के हिसाब से बदलती है। मौजूदा दरें Labour Department, Rajasthan — minimum wages में देखें।
राजस्थान में लेबर कार्ड कितने का बनता है?
मंडल के अपने अर्ज़ी फ़ॉर्म में पंजीयन शुल्क ₹25 लिखा है। सालाना अंशदान की रकम किसी सरकारी पन्ने पर हमें नहीं मिली, इसलिए वह 0141-2222961 पर पूछ लीजिए।
ठेकेदार कागज़ नहीं दे रहा — राजस्थान में क्या करूँ?
राजस्थान के फ़ॉर्म में चार लोग लिखे हैं जो प्रमाणपत्र दे सकते हैं — नियोजक या ठेकेदार, पंजीकृत निर्माण मज़दूर संघ का अध्यक्ष या महासचिव, पंचायत का कार्यकारी अधिकारी, या इलाक़े का श्रम निरीक्षक।
राजस्थान में अंशदान भरना भूल गया तो क्या होगा?
मंडल के परिपत्र के मुताबिक लगातार एक साल तक अंशदान न भरने पर हिताधिकारी का दर्जा ख़त्म हो जाता है। बकाया अंशदान ₹2 प्रति माह जुर्माने के साथ भरकर दोबारा शुरू किया जा सकता है।
बेटी के जन्म पर कितनी मदद मिलती है?
प्रसूति सहायता योजना में बेटी के जन्म पर कुल ₹21,000 और बेटे के जन्म पर ₹20,000, तीन किश्तों में — प्रसव पर ₹5,000, एक साल की उम्र और पूरे टीकाकरण पर ₹5,000, और पाँच साल की उम्र तथा स्कूल में दाख़िले पर बेटी के लिए ₹11,000 या बेटे के लिए ₹10,000।
राजस्थान में मज़दूर की एक दिन की दिहाड़ी कितनी होनी चाहिए?
अकुशल ₹285, अर्द्धकुशल ₹297, कुशल ₹309 और उच्च कुशल ₹359 प्रति दिन। इनमें महँगाई भत्ता पहले से जुड़ा है। ये दरें 1 जनवरी 2023 से लागू हैं और उसके बाद बदली नहीं हैं।
जयपुर और किसी गाँव का रेट अलग है क्या?
नहीं। राजस्थान की अधिसूचना पूरे राज्य पर एक ही दर लागू करती है — कोई ज़ोन नहीं।
सरकारी दर इतनी कम क्यों है?
क्योंकि राजस्थान ने 1 जनवरी 2023 के बाद दर बदली नहीं है। यह अब भी कानूनी फ़र्श है और इससे कम देना जुर्म है, पर बाज़ार का रेट इससे काफ़ी ऊपर चलता है। मोल-भाव करते वक़्त इलाक़े का बाज़ार रेट भी पता कीजिए।
इंटरनेट पर "राजस्थान न्यूनतम मज़दूरी 2026" लिखा मिला — वह क्या है?
वे वही 2023 से लागू दरें हैं, नए शीर्षक के साथ। सरकारी वेबसाइट पर 2025 या 2026 की कोई नई निर्माण दर अधिसूचित नहीं है। हमेशा कागज़ के अंदर "लागू होंगी" वाली तारीख़ पढ़िए।

आस-पास के शहर

सभी शहर

अपडेट:

आगे पढ़ें

स्रोत

View this page in English

मदद